रोम: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी इन दिनों भारत में भी चर्चा का बड़ा केंद्र बनी हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनका चर्चित “मेलोडी” वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हुआ और करोड़ों लोगों ने उसे देखा। इसके बाद भारतीयों के बीच यह जानने की उत्सुकता और बढ़ गई कि आखिर जॉर्जिया मेलोनी कौन हैं और कैसे उन्होंने इटली की राजनीति में इतना बड़ा मुकाम हासिल किया।
भारत में मेलोनी को लेकर दिलचस्पी की एक वजह इटली और भारत का पुराना राजनीतिक और पारिवारिक संबंध भी माना जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी का जन्म भी इटली में हुआ था और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ननिहाल भी वहीं है।
‘मेलोडी’ के पीछे छिपी है संघर्ष और परिश्रम की कहानी
सोशल मीडिया पर “मेलोडी” नाम भले ही मीम्स और मजाक का हिस्सा बन गया हो, लेकिन इसके पीछे जॉर्जिया मेलोनी का लंबा संघर्ष और मेहनत भरा राजनीतिक सफर छिपा है। खुद मेलोनी भी कई मंचों से “परिश्रम” शब्द का जिक्र कर चुकी हैं।
उन्होंने भारत यात्रा के दौरान कहा था कि “परिश्रम” यानी कड़ी मेहनत और लगातार संकल्प ही सफलता की असली कुंजी है। मेलोनी का मानना है कि भारत और इटली के रिश्ते भी इसी सोच और मेहनत की नींव पर मजबूत हुए हैं।
इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं मेलोनी
जॉर्जिया मेलोनी इटली के इतिहास में प्रधानमंत्री बनने वाली पहली महिला हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जाती है क्योंकि इटली लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता से जूझता रहा है।
2006 में सिल्वियो बर्लुस्कोनी के बाद अगले 16 वर्षों में इटली में 10 प्रधानमंत्री बदले। कई प्रधानमंत्री तो एक साल का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए। लेकिन अक्टूबर 2022 में प्रधानमंत्री बनीं मेलोनी ने इस अस्थिरता के दौर में अपनी मजबूत पकड़ बनाई।
15 साल की उम्र में राजनीति में रखा कदम
मेलोनी ने सिर्फ 15 साल की उम्र में राजनीति में आने का फैसला कर लिया था। वर्ष 1992 में इटली में एक जज की माफिया द्वारा हत्या कर दी गई थी। इसी घटना ने उन्हें राजनीति की ओर प्रेरित किया।
उन्होंने इटालियन सोशल मूवमेंट यानी MSI पार्टी जॉइन की। बाद में यह पार्टी नेशनल अलायंस के नाम से जानी गई और मेलोनी उसकी यूथ विंग में सक्रिय हो गईं।
अपने तेजतर्रार भाषणों, राष्ट्रवादी विचारों और दमदार सार्वजनिक छवि की वजह से वह तेजी से लोकप्रिय होती चली गईं।
बेहद साधारण परिवार से आती हैं मेलोनी
जॉर्जिया मेलोनी का जन्म 1977 में रोम में हुआ था। उनके पिता टैक्सी ड्राइवर थे जबकि मां उपन्यास लेखिका थीं। हालांकि जन्म के एक साल बाद ही उनके माता-पिता अलग हो गए और उनकी परवरिश उनकी मां ने अकेले की।
संघर्ष भरे बचपन और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि ने मेलोनी की राजनीतिक सोच को मजबूत बनाया। यही वजह रही कि आम लोगों के बीच उनकी छवि तेजी से मजबूत हुई।
31 साल की उम्र में बनीं सबसे युवा मंत्री
मेलोनी ने 2004 में अपनी पार्टी की यूथ विंग की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 27 साल थी।
इसके बाद 2006 में उन्होंने पहली बार संसदीय चुनाव जीता और 2008 में युवा मामलों की मंत्री बना दी गईं। महज 31 साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने वाली वह इटली के इतिहास की सबसे युवा मंत्री बनीं।
2012 में बनाई अपनी पार्टी, 2022 में बनीं प्रधानमंत्री
मेलोनी ने 2012 में “ब्रदर्स ऑफ इटली” नाम से नई पार्टी बनाई। शुरुआत में पार्टी को ज्यादा समर्थन नहीं मिला और 2018 के चुनाव में उसे सिर्फ 4.4 प्रतिशत वोट मिले।
लेकिन 2022 के चुनाव में उनकी पार्टी ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए 26 प्रतिशत वोट हासिल किए और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद 22 अक्टूबर 2022 को जॉर्जिया मेलोनी ने इटली की प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
राष्ट्रवाद और मजबूत नेतृत्व से बनाई अलग पहचान
मेलोनी ने गठबंधन राजनीति वाले इटली में राष्ट्रवाद और मजबूत नेतृत्व की राजनीति को नई धार दी। निजी जिंदगी की चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने राजनीतिक लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।
आज मेलोनी को इटली की सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है और उनका राजनीतिक सफर दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
